वो ना जाती.........
वो मुझे अपना गुलजार कहती थी,
शायद उसे मालूम ना था कि वो मेरे हर नज़्म में रहती थी
मेरा दिल कहता है जो वो इससे वाकिफ़ होती तो कभी ना जाती।
वो मुझे शायर नवाब कहती थी,
शायद वो इस बात से अनजान थी ये नवाबी उस के नाम की कर्ज़दार थी
मेरा दिल कहता है जो उसे ये मालूम होता वो थोड़ा ठहर कर जाती।
अब लोग मुझे कवि बदनाम कहते हैं,
उसे ये इल्म ना होगा कि ये उस के इश्क़ में मिली बदनामी है
मेरा दिल कहता है कि जो उसे ये मालूम होता तो वो लौट आती।


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